Social Media…..आधा सच..

पिछले कुछ सालों से हम सब की ज़िंदगी पर…Social Media..का बहुत असर है…फिर चाहे वो Facebook…whatsapp…हो..या फिर Twitter…

You tube को भी इसका हिस्सा मान सकते हैं…

जैसे कि हम सब जानते हैं..राजनीति पर इन सब माध्यमों ने अच्छा प्रभाव डाला है…लेकिन ये सब माध्यम फिर भी पूरा सच नहीं है…इन सब में भी fake news..फ़र्ज़ी फ़ालोअर अपना असर दिखाते हैं..जिनका असर धीरे धीरे अब कम हो रहा है…आजकल राजनीतिक पार्टियाँ इन पर बहुत निर्भर बेशक हैं…लेकिन ज़मीनी वास्तविकता इससे अलग है..जो पार्टियाँ केवल इसी पर निर्भर हैं..उनको इसका नुक़सान भी हो सकता है…जैसा हाल के दिनों में तीन राज्यों के चुनाव में भाजपा को हुआ…या पंजाब में आप पार्टी को भी हुआ..असल में सोशल मीडिया की भीड़ से ख़ुद पार्टी या नेता ही ख़ुद को जीता हुआ मान लेता है…जबकि वास्तविकता और ही होती है…इसलिए केवल इस माध्यम के भरोसे ही आप नहीं रह सकते..ज़मीन पर तो कुछ करना ही होगा..कब तक इसी के सहारे रहोगे….

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अब बड़ी हो गयी…

हाथों में आ जाती थी…

अब कंधे तक आती है…

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी…

पहले खाना छीन के खाती थी..

अब बोलने पर ही खाती है..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी..

पहले कुछ ना करती थी..

खाना भी कमरे में माँगती थी..

अब ख़ुद किचन से लाती है..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी…

पहले इंजेक्शन से भी डरती थी..

अब ख़ुद डॉक्टर पास जाती है..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी..

पहले गाड़ी से ना उतरती थी..

अब पैदल ही चल देती है..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी..

पहले परवाह ना करती थी…

अब हिसाब भी लिखने लगी..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी…

मेरे जिगर का टुकड़ा है…

मेरा अभिमान भी…

मेरी बेटी बड़ी हो गयी…

मेरी बेटी बड़ी हो गयी……….