अब बड़ी हो गयी…

हाथों में आ जाती थी…

अब कंधे तक आती है…

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी…

पहले खाना छीन के खाती थी..

अब बोलने पर ही खाती है..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी..

पहले कुछ ना करती थी..

खाना भी कमरे में माँगती थी..

अब ख़ुद किचन से लाती है..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी…

पहले इंजेक्शन से भी डरती थी..

अब ख़ुद डॉक्टर पास जाती है..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी..

पहले गाड़ी से ना उतरती थी..

अब पैदल ही चल देती है..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी..

पहले परवाह ना करती थी…

अब हिसाब भी लिखने लगी..

मेरी बेटी अब बड़ी हो गयी…

मेरे जिगर का टुकड़ा है…

मेरा अभिमान भी…

मेरी बेटी बड़ी हो गयी…

मेरी बेटी बड़ी हो गयी……….

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The Journey Begins

Thanks for joining me!

Good company in a journey makes the way seem shorter. — Izaak Walton

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